
तिल्दा-नेवरा। ग्राम चापा में श्री राधे शक्ति स्पंज एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड की बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर गुरुवार को विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। कंपनी द्वारा निर्माण कार्य कराए जाने के दौरान कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचकर विरोध करने लगे। सूचना मिलने पर तिल्दा-नेवरा पुलिस बल मौके पर पहुंचा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSIDC) के दस्तावेजों में ग्राम कोटा और ग्राम चापा की कुल 5.764 हेक्टेयर शासकीय भूमि श्री राधे शक्ति स्पंज एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के संचालक रवि बजाज के पक्ष में औद्योगिक प्रयोजन के लिए आवंटित किए जाने का उल्लेख है। इसमें ग्राम कोटा की 2.420 हेक्टेयर और ग्राम चापा की 3.344 हेक्टेयर भूमि शामिल है।दस्तावेजों के मुताबिक, भूमि का आधिपत्य 30 जुलाई 2026 को सौंपा गया था। वहीं, लीज डीड का निष्पादन 9 जुलाई 2026 और पंजीयन 15 जुलाई 2026 को किया गया था। इसके बाद कंपनी द्वारा संबंधित भूमि पर बाउंड्रीवॉल निर्माण कराया जा रहा था, जिसका कुछ ग्रामीणों ने विरोध किया।निर्माण कार्य का विरोध किन कारणों से किया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, ग्रामीणों की ओर से उठाई गई आपत्तियों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी का इंतजार है। ऐसे में भूमि की सीमाओं और आवंटन से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।विवाद की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति पर नजर रखी। मामले में प्रशासन और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद को लेकर क्या कदम उठाता है।






