
बिलासपुर । 20 अप्रैल 2026 को अकलतरा, बिलासपुर निवासी 22 वर्षीय हर्ष कुमार राय के साथ एक भीषण हादसा हुआ।
बिलासपुर के पाली ब्लॉक में सफाई कार्य के दौरान छज्जे से गिरने पर युवक की गर्दन बाउंड्री वॉल की लोहे की तार व रॉड में फंसकर गहराई तक कट गई। घटना में कैरोटिड धमनी, थायरॉइड ग्रंथि व श्वास नली पूरी तरह कट गईं।
युवक को तुरंत स्वास्तिक हॉस्पिटल, तोरवा, बिलासपुर लाया गया। भर्ती के समय पल्स रेट 30, ऑक्सीजन लेवल 40% एवं ब्लड प्रेशर शून्य था। स्थिति अत्यंत नाजुक थी।अस्पताल की Reconstructive Surgery, Anesthesia व Critical Care टीम के डॉ. अभिषेक, डॉ. आकाश, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. विष्णु एवं डॉ. अविनाश ने तत्काल मोर्चा संभाला।
सीपीआर, वेंटिलेटर सपोर्ट व रक्त चढ़ाने के बाद रातभर चले जटिल ऑपरेशन में कटी हुई सभी नाड़ियों व नलियों को जोड़ा गया। सीटी स्कैन में चोट की गंभीरता की पुष्टि हुई थी।
लगभग 20 दिन तक युवक आईसीयू में कोमा जैसी स्थिति में रहा। निरंतर निगरानी व उपचार के बाद स्थिति में सुधार हुआ।
20-25 दिन के इलाज के उपरांत मरीज को पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किया गया। वर्तमान में हर्ष कुमार राय सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ व संपूर्ण टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “डॉक्टरों ने भगवान बनकर हमारे बेटे को नया जीवन दिया है।”
परिजनों ने हॉस्पिटल के मुख्य विशेषज्ञ एवं डायरेक्टर डॉ. अभिषेक मिश्रा का सादर आभार व्यक्त किया।विशेषज्ञों के अनुसार कैरोटिड धमनी व श्वास नली कटने के मामलों में बचने की संभावना 5% से भी कम होती है। बिलासपुर के डॉक्टरों की यह सफलता चिकित्सा जगत में एक मिसाल है।






