
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय अम्बिकापुर द्वारा राष्ट्रव्यापी मेगा एग्रीकल्चर क्रेडिट आउटरीच अभियान के अंतर्गत दिनांक 06 जून 2026 को प्रातः 11:00 बजे डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सर्व समाज मांगलिक भवन, नगर पंचायत लखनपुर, जिला सरगुजा (छत्तीसगढ़) में मेगा कृषि ऋण आउटरीच कैंप का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs), स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कृषि उद्यमियों तथा ग्रामीण ग्राहकों को बैंक की विभिन्न कृषि एवं संबद्ध ऋण योजनाओं की जानकारी प्रदान करना तथा उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना रहा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरगुजा के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) श्री राम राज सिंह रहे। कार्यक्रम में जिला पंचायत सरगुजा के जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) श्री सुभाष मिश्रा एवं नगर पंचायत लखनपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) श्री विद्यासागर चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केंद्रीय कार्यालय के उप महाप्रबंधक (DGM) श्री रवि बैद एवं क्षेत्रीय कार्यालय अम्बिकापुर के क्षेत्रीय प्रमुख श्री राजेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
दोनों अधिकारियों ने उपस्थित किसानों एवं ग्राहकों को बैंक की कृषि क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता तथा विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान किसानों एवं ग्रामीण ग्राहकों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), एग्री गोल्ड लोन, सेन्ट नारी शक्ति योजना, सेंट किसान वाहन ऋण, कोल्ड स्टोरेज/वेयरहाउस वित्तपोषण योजना, पीएमएफएमई योजना, स्वयं सहायता समूहों के वित्तपोषण तथा कृषि अधोसंरचना एवं कृषि आधारित उद्यमों हेतु उपलब्ध ऋण सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।कैंप में उपस्थित किसानों को आधुनिक कृषि, कृषि प्रसंस्करण, भंडारण, मूल्य संवर्धन, कृषि विपणन तथा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु बैंक द्वारा उपलब्ध विभिन्न वित्तीय समाधानों के बारे में भी अवगत कराया गया। साथ ही सरकार द्वारा संचालित कृषि एवं ग्रामीण विकास संबंधी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) एवं अटल पेंशन योजना (APY) के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही भारत सरकार के विशेष अभियान के अंतर्गत निष्क्रिय (DEAF) खातों को पुनः संचालित (Operative) करने की पहल के बारे में भी उपस्थित ग्राहकों को जागरूक किया गया तथा उन्हें इसका लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, कृषक उत्पादक संगठन (FPO) के प्रतिनिधि, कृषि उद्यमी, ग्रामीण युवा, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालक एवं ग्रामीण ग्राहक उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों ने बैंक की कृषि एवं ग्रामीण विकास उन्मुख योजनाओं में गहरी रुचि दिखाई तथा अनेक ग्राहकों ने विभिन्न ऋण योजनाओं का लाभ लेने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।
साथ ही कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 30 हितग्राहियों को कुल ₹8 करोड़ के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
लाभार्थियों को कृषि, कृषि अवसंरचना, कृषि प्रसंस्करण, भंडारण तथा अन्य संबद्ध गतिविधियों हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण समुदाय के समग्र विकास में एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में कार्य करते हुए उन्हें सरल, त्वरित एवं ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रहा है।
बैंक कृषि क्षेत्र के सतत विकास, ग्रामीण समृद्धि तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत है।






